
डोईवाला- बड़कोट क्षेत्र के रैनापुर और घमंडपुर गांव में वन्य जीवो को ग्रामीण क्षेत्र में घुसने से रोकने के लिए बनाई गई 40 साल पुरानी गहरी खाई को जेसीबी मशीन द्वारा भरकर रास्ता बनाने का कार्य भूमाफियाओं द्वारा किए जाने का मामला सामने आया है भू माफिया बेखौफ दिन दहाड़े जेसीबी की मदद से इस खाई को भरकर सड़क बनाने का कार्य कर रहे हैं ताकि उनके द्वारा इस रास्ते का उपयोग अपने निजी स्वार्थ को पूरा करने के लिए किया जा सके
जानकारी के मुताबिक बढ़कोट वन रेंज के अंतर्गत कुछ लोगों द्वारा जेसीबी की मदद से करीब 40 साल पुरानी खाई को पाट कर सड़क बनाने का प्रयास किया जा रहा है रैनापुर और घमंडपुर के लोगों ने पूर्व बीडीसी मानसी खत्री के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर भारी आक्रोश जताते हुए प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया
खत्री ने बताया कि बढ़कोट वन रेंज के किनारे करीब 40 साल पुरानी यह गहरी खाई खुदी हुई है जो वन्य जीवों को ग्रामीण क्षेत्र में घुसने से रोकने का कार्य करती है लेकिन कुछ माफियाओं द्वारा अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए इस खाई को पाटकर रास्ता बनाने का कार्य किया जा रहा है जनता के विरोध पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले का संज्ञान लिया है ग्रामीणों का काफी हो हल्ला होने के बाद वन विभाग की टीम ने जॉइंट सर्वे का आश्वासन देकर ग्रामीण और खाई को भरने वाले लोगों को वहां से हटा दिया
जानकारी में यह भी बात सामने आई है की खाई के एक तरफ वन रेंज का घना जंगल है जबकि दूसरी तरफ आम का बगीचा भी खड़ा है जिसमें कुछ लोग द्वारा 1 किलोमीटर लंबी इस खाई को पाटकर रास्ते में तब्दील किया जा रहा है काफी वर्ष पहले हाथी ने जंगल से निकल कर एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया था जिसको लेकर ग्रामीणों ने बहुत बड़ा प्रदर्शन किया था वहीं इसके अलावा जंगल से निकलकर जंगली जानवरों ने किसानों की खड़ी फसलों को भी बर्बाद किया है ग्रामीणों का कहना है कि माफिया द्वारा इस खाई को पाटकर जो सड़क बनाने का कार्य किया है उससे ग्रामीण लोगों को जंगली जानवरों का दंश झेलना पड़ेगा उन्होंने इस कार्य को तुरंत रोकने और खाई खोदने में शामिल लोगों पर कार्यवाही किये जाने की मांग वन विभाग से की है
प्रदर्शन करने वालों में नितिन पवार, रजत कोहली,योगेंद्र चौहान, विपिन पवार, राजपाल सिंह, रवि चौहान,पुष्कर सिंह नेगी कुंवर सिंह चौहान, विमल भट्ट आदि शामिल थे
वन रेंज अधिकारी नीरज सिंह रावत ने बताया कि यह खाई स्थानीय निवासी जय सिंह के नाम पर दर्ज है रेवेन्यू विभाग द्वारा उन्हें जमीन का वैधानिक कागज दिया गया है उन्होंने कहा कि फिर भी ग्रामीणों को विरोध को देखते हुए वन विभाग और रेवेन्यू विभाग का एक जॉइंट सर्वे किया जा सकता है कहा कि यह खाई वाली जमीन बडकोट वन रेंज में सरकारी भूमि अंतर्गत नहीं आती है



