
देहरादून एयरपोर्ट के विस्तार और नई हवाई कनेक्टिविटी पर मंथन
रनवे विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी पर जोर, चेन्नई-तिरुवनंतपुरम-गुवाहाटी के लिए उड़ान शुरू करने की उठी मांग
भास्कर इंडिया लाइव
देहरादून चमन लाल।
देहरादून एयरपोर्ट पर सोमवार को एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की वार्षिक बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता हरिद्वार सांसद एवं अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की। टिहरी सांसद एवं सह-अध्यक्षा माला राज्य लक्ष्मी शाह तथा डोईवाला विधायक एवं उपाध्यक्ष बृजभूषण गैरोला समेत समिति के अन्य सदस्यों ने बैठक में भाग लिया।
एयरपोर्ट निदेशक एवं संयोजक बी.सी.एच. नेगी ने अध्यक्ष, सह-अध्यक्षा और उपाध्यक्ष का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बैठक में एयरपोर्ट के संचालन, रनवे विस्तार, आधारभूत ढांचे, नई हवाई कनेक्टिविटी, यात्री सुविधाओं और कार्गो सेवाओं सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

रनवे विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी पर जोर
बैठक में रनवे विस्तार को प्रमुखता से उठाया गया। वर्तमान रनवे विन्यास के कारण परिचालन संबंधी चुनौतियों और खराब मौसम में उड़ानों के डायवर्जन की स्थिति पर चर्चा हुई। रनवे विस्तार के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया गया। बताया गया कि भूमि उपलब्ध होते ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा विस्तार संबंधी आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी। अध्यक्ष ने जिला प्रशासन को इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने का सुझाव दिया।
चेन्नई, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी से कनेक्टिविटी की मांग
बैठक में बताया गया कि एयर ट्रैफिक में वर्तमान में करीब 7-8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि राष्ट्रीय औसत वृद्धि लगभग 10-12 प्रतिशत है। हवाई यातायात को बढ़ावा देने के लिए नए हवाई मार्ग शुरू करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। विशेष रूप से चेन्नई, तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी के लिए उड़ान सेवाएं शुरू करने पर जोर दिया गया। समिति ने राज्य सरकार से एयरलाइंस को प्रोत्साहित करने के लिए Viability Gap Funding (VGF) जैसे विकल्पों की संभावनाएं तलाशने का सुझाव दिया।
बैठक में कहा गया कि नए गंतव्यों से हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने पर उत्तराखंड के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार और राजस्व के अवसर भी बढ़ेंगे।
नया ATC टावर और प्रशासनिक भवन प्रस्तावित
AAI द्वारा वर्तमान एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) अवसंरचना के स्थान पर आधुनिक तकनीक से युक्त नया ATC टावर बनाने की योजना की जानकारी दी गई। इसके साथ ही AAI, BCAS और DGCA के कार्यालयों के लिए एकीकृत प्रशासनिक भवन का प्रस्ताव भी रखा गया।
कार्गो सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा
एयरपोर्ट परिसर में उपलब्ध भूमि पर अंतरिम और स्थायी कार्गो सुविधाएं विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इससे क्षेत्र में एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावनाएं तलाशने पर जोर
बैठक में देहरादून एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। एयरपोर्ट निदेशक ने बताया कि इस संबंध में विषय को नागर विमानन मंत्रालय के समक्ष उठाया जाना आवश्यक है। अध्यक्ष ने प्रत्यक्ष अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के साथ-साथ कस्टम्स और इमिग्रेशन सुविधाओं से युक्त हब-एंड-स्पोक मॉडल की व्यवहार्यता तलाशने का सुझाव दिया।
पुलिस स्टेशन, ट्रैफिक व्यवस्था और यात्री सुविधाओं पर भी चर्चा
बढ़ते यात्री आवागमन को देखते हुए एयरपोर्ट पर स्थायी पुलिस स्टेशन और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके लिए समर्पित जनशक्ति उपलब्ध कराने की बात कही गई। एयरपोर्ट अप्रोच रोड पर पर्याप्त साइनेज, मोबाइल कनेक्टिविटी और यात्रियों के लिए नियमित बस सेवा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में Food & Beverage सुविधाओं को बेहतर बनाने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया। बताया गया कि आगामी अवधि में नया Master Concessionaire Contract प्रदान किए जाने की संभावना है।
बैठक के अंत में देहरादून एयरपोर्ट के निरंतर विकास, बेहतर एयर कनेक्टिविटी, रनवे क्षमता, आधुनिक आधारभूत ढांचे और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए सभी संबंधित विभागों और हितधारकों के बीच समन्वय एवं समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया गया।



