
डोईवाला में बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, खेतों में पड़ी धान की फसल भीगने से नुकसान का डर
सिमलास ग्रांट में कटाई के बाद खेतों में पड़ी है धान की फसल, ग्राम प्रधान ने नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की
भास्कर इंडिया लाइव
डोईवाला चमनलाल / विक्रांत वर्मा।गुरुवार को मौसम में आए बदलाव और बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में कटाई के बाद पड़ी धान की फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने और दाने खराब होने की आशंका है। वहीं, गन्ने और अन्य फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक साबित हो सकती है। सिमलास ग्रांट में कई किसानों की धान की कटी फसल और पराली अभी भी खेतों में पड़ी है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है।
सिमलास ग्रांट के किसान साधु राम, प्रदीप कुमार, आशा सिंह और सुरेंद्र सिंह सहित अन्य किसानों की धान की फसल कटाई के बाद खेतों में पड़ी हुई है। बारिश के कारण फसल में नमी बढ़ने से उसकी गुणवत्ता खराब होने की आशंका है। ऐसे में किसानों के सामने कटी हुई फसल को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग
सिमलास ग्रांट की ग्राम प्रधान सुषमा बोरा ने कहा कि बारिश से खेतों में कटी पड़ी धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित किसानों की फसल का आकलन कराने और नुकसान के अनुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।
गन्ने और अन्य फसलों को मिल सकता है फायदा
सहायक कृषि अधिकारी अजय टम्टा ने बताया कि क्षेत्र में अधिकतर धान की कटाई पूरी हो चुकी है और अधिकांश कटी हुई फसल खेतों से उठाई जा चुकी है। हालांकि, जिन किसानों की धान की फसल अभी खेतों में पड़ी है, उसे बारिश से नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के कारण गन्ने और अन्य फसलों को लाभ मिल सकता है।



