पुलिस महानिदेशक के आदेश पर पीड़ित महिला के प्रार्थना पत्र पर 4 वर्ष के बाद हुआ आरोपी ससुर पर मुक़दमा दर्ज

भास्कर इंडिया लाइव
प्राप्त जानकारी के मुताबिक
पीड़ित महिला मेघा रानी ने वर्ष 2021 में अपने ससुर प्रेमचंद पांचाल निवासी चांदमारी डोइवाला के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए एक शिकायती पत्र डोईवाला कोतवाली में दिया था । कोतवाली पुलिस द्वारा उचाधिकारियों को ग़लत आखया भेजे जाने के कारण मुक़दमा दर्ज नहीं हो रहा था । बीते 25 अगस्त को मेघा रानी पुलिस महानिदेशक से उनके कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से मिली और अपनी आप बीती सुनाई। मेघा ने साक्ष्य के रूप में 5,50,000 के ग़बन के संबंध में डीजीपी को ओडिया कॉल रिकॉर्डिंग सुनाई। जिसको गंभीरता से सुनने के बाद डीजीपी ने इस मामले में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली डोइवाला को निर्देशित करते हुए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।मेघा ने डीजीपी और कोतवाली डोईवाला में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वर्ष 2019 में मेरे पति नीटू पांचाल की मृत्यु सड़क दुर्घटना में हुई थी जिसके क्लेम में मुझे 10 लाख रुपए मिले थे। जिसे मेरे ससुर प्रेमचंद पांचाल निवासी चांदमारी डॉइवाला ने 5,50,000 रुपए प्लॉट दिलाने के नाम पर मुझसे लिए थे । 4 साल बीत जाने के बाद भी मेरे ससुर के द्वारा ना तो कोई प्लॉट ख़रीद कर दिया गया है और ना ही मेरे पैसे वापस किए है । मेरे ससुर द्वारा उक्त पैसे गबन कर लिये गये है।पुलिस ने प्रार्थना पत्र के आधार पर बीएनएस की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) के तहत प्रेमचंद पांचाल पुत्र स्वर्गीय कलीराम निवासी चांदमारी के विरुद्ध मुक़दमा पंजीकृत कर प्राथमिकी की कॉपी पीड़िता को उपलब्ध करा दी गई है । पुलिस ने अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।



