आपदा प्रबंधन पर सरकार बनाये ठोस नीति –सुखविंदर कौर अध्यक्ष जिला पंचायत

भास्कर इंडिया लाइव
चमन लाल
डोईवाला रायपुर क्षेत्र में बादल फटने से सहायक नदियों में आई बाढ़ ने आपदा प्रबंधन की पोल खोल कर रख दी है। केदारनाथ त्रासदी से सबक न लेते हुए भी सरकार पुराने तरीके से ही काम कर रही है। आपदा से निपटने के लिए सरकार कोई ठोस योजना बना पाने में नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने अधिकारियों से केवल आपदा प्रभावित क्षेत्र के दौरे तक सीमित ही नहीं रहने के साथ युद्ध स्तर पर पीड़ितों को मदद पहुंच जाने की अपील भी की है। उन्होंने जॉलीग्रांट स्थित एसडीआरएफ के कार्यों की जमकर तारीफ की है। यह बात जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुखविंदर कौर ने कही है।
गुरुवार को माजरीग्रांट स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुखविंदर कौर ने आपदा पीड़ितों के प्रति गहरा दुख जताते हुए कहा कि जिला देहरादून भारी वर्षा और बादल फटने के कारण आपदा के दर्द से जूझ रहा है। बताया कि उनके द्वारा जाखन नदी क्षेत्र से रानी पोखरी,शेरगढ़ गांव, फन वैली, सुसुवा नदी और राजाजी राष्ट्रीय पार्क से निकलकर गांव में आपदा के रूप में बरस रहे खाले से बुलावाला, दूरस्थ गांव लडवाकोट, सनगांव, नाहीकला थानो,विकास नगर, सहित प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। कहां की नदियों को तटबंधन की सख्त आवश्यकता है ताकि ऐसी अनहोनी आपदाओं पर नियंत्रण पाया जा सके। आपदा से लोग बेहद दर्द से गुजर रहे हैं।
उन्होंने जिला पंचायत स्तर पर आपदा प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बरसात से जिले में जर्जर हो चुके संपर्क मार्गों को दुरुस्त करने में अपना सहयोग दिए जाने की बात की है। उन्होंने कहा कि अभी जिला पंचायत बने हुए कम ही समय हुआ है, लेकिन क्षेत्र की जनता की समस्याओं के प्रति वह बेहद गंभीर हैं। पूर्व प्रधान किसान नेता ताजेंद्र सिंह ताज ने बताया कि शेरगढ़, बुल्लावाला माजरी दूधली रानी पोखरी क्षेत्र में आई आपदा ने किसानो की कई सौ बीघा भूमि पर खड़ी धान गन्ने की फसलों को बर्बाद कर दिया है। वहीं बिजली पानी संपर्क मार्ग भी बुरी हालत में पहुंच गए हैं।उन्होंने स्थानीय प्रशासन से पीड़ित लोगों को राहत बचाव कार्य के साथ रिपोर्ट बनाकर जल्द से जल्द शासन प्रशासन को दिए जाने की बात भी कही है ताकि पीड़ित लोगों को समय पर मुहाफजे के रूप मेंआर्थिक मदद मिल सके।



