सीता हरण, खर-दूषण वध और जटायु युद्ध के मंचन ने दर्शकों को किया भावविभोर

भास्कर इंडिया लाइव
चमन लाल
डोईवाला- अठूरवाला सांस्कृतिक मंच समिति द्वारा बुधवार की रात्रि अठूरवाला मे चल रही रामलीला मे भक्ति, आस्था और रोमांच से भर उठा। रामलीला के छठे दिन मंचन में सीता हरण, खर-दूषण वध, सूर्पनखा प्रसंग और जटायु युद्ध ने श्रद्धालुओं को भावनाओं की गहराई में डुबो दिया। कलाकारों की सजीव अभिनय क्षमता और संवादों ने मानो अयोध्या से पंचवटी तक की कथा को साकार कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय और कांग्रेस नेता अश्वनी बहुगुणा द्वारा दीप प्रज्वलन व भगवान श्रीराम-सीता की आरती से हुआ। विधायक उपाध्याय ने कहा कि रामलीला हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी धरोहर है। यह केवल मंचन नहीं, बल्कि समाज को धर्म, सत्य और मर्यादा का पाठ पढ़ाने वाली जीवंत शिक्षा है।
मंचन की शुरुआत सूर्पनखा प्रसंग से हुई,
जिसमें सूर्पनखा की चंचलता और लक्ष्मण के द्वारा उसकी नाक काटे जाने का दृश्य देख दर्शक तालियों से गूंज उठे। इसके बाद खर-दूषण वध का रोमांचक युद्ध दृश्य मंचित हुआ, जिसमें श्रीराम ने अधर्म और अत्याचार का अंत कर धर्म की स्थापना की।
रावण द्वारा सीता हरण प्रसंग,
जिसने पूरे वातावरण को भावनाओं से भर दिया। जब रावण साधु का वेश धारण कर पंचवटी पहुँचा और सीता माता का हरण किया, दर्शकों से भरा पंडाल सन्नाटे में डूब गया। जटायु-रावण युद्ध का दृश्य इतना सजीव था कि दर्शकों की आंखें नम हो गईं। कलाकारों के दमदार संवादों और मंच सज्जा ने दर्शकों को कथा में पूरी तरह डुबो दिया।
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष पुरुषोत्तम डोभाल, महासचिव करतार नेगी, निर्देशिका डॉ ममता कुंवर, चतर सिंह, संजय चमोली, दीपक नेगी, सुधीर रावत, विमल सिंह गुसांई, राजेश कुंवर आदि मौजूद रहे I



