
*एसआरएचयू में इंटरनेट ऑफ थिंग्स पर अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस*
भास्कर इंडिया लाइव
*एआई, मशीन लर्निंग, नेटवर्किंग और संचार, इंटेलिजेंस कंट्रोल और डिवाइसेस, तथा स्मार्ट इनोवेशन पर हुई चर्चा*
*- दो दिवसीय कांफ्रेंस में पढ़े जायेंगे 100 शोध पत्र*
*डोईवाला।* एसआरएचयू स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी जौलीग्रांट में इंटरनेट ऑफ थिंग्स- स्मार्ट इनोवेशन एंड यूसेज पर पांचवी अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने स्मार्ट प्रणालियों और उभरती प्रौद्योगिकियों पर मंथन किया।
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) के आदि कैलाश सभागार में आयोजित कांफ्रेंस का शुभारंभ डॉ. स्वामी राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया। एसआरएचयू के कुलपति डॉ. राजेन्द्र डोभाल ने कहा कि तकनीक मानव जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित कर रही है इसलिए युवाओं को इस क्षेत्र में शोध, नवाचार, अध्ययन पर जोर देना होगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता हमारी प्रगति का साधन बन सकती है। उन्होंनेे कहा कि विश्वविद्यालय में अनुसंधान और नवावचार पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्हांने छात्र-छात्राओं से तकनीक का सृजनकर्ता बनकर रोजगार सृजित करने की बात कही। प्रति कुलपति डॉ. अशोक कुमार देवरारी ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बड़ी तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह स्वास्थ्य के मामले में पूरी दुनिया में बड़ी क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
मुख्य वक्ता निदेशक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंर्फोमेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट ग्वालियर के डॉ. श्रीनिवास सिंह ने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वह सवाल करे, जब सवाल करेंगे तभी वह सही जानकारी हासिल कर पायेंगे। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि आज के इस डिजीटल युग में सफल होने के लिए निरंतर नया सीखने और जिज्ञासु प्रवृत्ति को बनाये रखे।
एशिया स्कूल ऑफ बिजनेस मलेशिया के डॉ. डेविड आसीरवाथम ने आईओटी पर चर्चा करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वह तकनीक है जो मशीनों को मनुष्यों की तरह सोचने, सीखने, निर्णय लेने और समस्याओं को हल करने की क्षमता देती है। उन्होंने कहा कि हम तकनीक का इस्तेमाल करें लेकिन यह भी सुनिश्चित करें कि तकनीक हमारी रचनात्मकता को समाप्त न कर दे।
आईआईटी इलाहबाद के डॉ. शेखर वर्मा, युनिवर्सिटी ऑफ ए कोरूना स्पेन के डॉ. फेलिक्स पुइमे गुइलेन ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, नेटवर्किंग और संचार, इंटेलिजेंस कंट्रोल और डिवाइसेस, तथा स्मार्ट इनोवेशन उपयोग के विषय में विस्तृत जानकारी दी। इससे पूर्व डीन एसएसटी डॉ. प्रमोद कुमार ने कांफ्रेंस के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में 8 आमंत्रित वक्ता शामिल हैं। विशेषज्ञ चर्चा के लिए 10 सत्र निर्धारित है। उन्होंने बताया कि उन्हें 735 शोध पत्र प्राप्त हुए थे। जिनमें से 100 को चुना गया है।



