
राहुल गांधी के हस्तक्षेप व पर्यावरण प्रेमियों के संघर्ष के बाद पेड़ों के कटान पर लगी रोक, नेता प्रतिपक्ष ने सुनी पर्यावरण आंदोलनकारियों की पीड़ा; कांग्रेस ने हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा
परवादून जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि एयरपोर्ट–ऋषिकेश मार्ग के सात मोड़ पर लगभग 4000 पेड़ों के प्रस्तावित कटान के विरोध में पिछले 11 दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे पर्यावरण प्रेमियों से मिलकर उनकी पीड़ा और संघर्ष को सुनने के लिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का हार्दिक आभार।
उन्होंने बताया कि कल शाम “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम से एयरपोर्ट लौटते समय राहुल गांधी ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी बात गंभीरता से सुनी। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को इस पूरे मामले को प्राथमिकता के साथ उठाने तथा कांग्रेस पार्टी की ओर से आंदोलनकारियों को हरसंभव सहयोग देने के निर्देश दिए।
मोहित उनियाल ने कहा कि जब पुलिस और प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों पर दबाव बनाए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं, ऐसे समय में राहुल गांधी का आंदोलनकारियों के बीच पहुंचना यह स्पष्ट संदेश है कि पर्यावरण संरक्षण और जनभावनाओं की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे साथी अब अकेले नहीं हैं, बल्कि उनके साथ राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा आंदोलनकारियों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री द्वारा पेड़ों के कटान पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। यह पर्यावरण प्रेमियों के शांतिपूर्ण संघर्ष, जनदबाव और जनभावनाओं की बड़ी जीत है। कांग्रेस इस निर्णय का स्वागत करती है, लेकिन यह भी स्पष्ट करती है कि यह संघर्ष का अंत नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
मोहित उनियाल ने कहा कि आज पेड़ों के कटान पर रोक जरूर लगी है, मगर यह केवल एक पड़ाव है, मंज़िल नहीं। जब तक प्रकृति, पर्यावरण और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता तथा हजारों पेड़ों को बचाने की ठोस व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह जीत उन सभी पर्यावरण प्रेमियों, स्थानीय नागरिकों, युवाओं और संघर्षरत साथियों की है जिन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद की।
उन्होंने सभी आंदोलनकारियों को इस ऐतिहासिक संघर्ष के लिए बधाई देते हुए कहा कि आइए, हम सब मिलकर अपने जंगलों, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एकजुट होकर आगे भी संघर्ष जारी रखें।



