
*‘एक राष्ट्र-एक उर्वरक’ से किसानों को मिली राहत, उर्वरकों की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था हुई मजबूत : त्रिवेंद्र*
भास्कर इंडिया लाइव
देहरादून/ नई दिल्ली, 07 अगस्त 2026
हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संसद में ‘एक राष्ट्र-एक उर्वरक’ पहल के संबंध में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय से किसानों के हित में महत्वपूर्ण जानकारी मांगी।
उनके प्रश्न के लिखित उत्तर में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री भारतीय जनउर्वरक परियोजना (PMBJP) के तहत 24 अगस्त 2022 से ‘एक राष्ट्र-एक उर्वरक’ योजना लागू है। इसके अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र, सहकारी और निजी क्षेत्र की सभी उर्वरक कंपनियों द्वारा सब्सिडीयुक्त उर्वरक ‘भारत’ ब्रांड के तहत उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
श्रीमती पटेल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाना, विभिन्न कंपनियों के ब्रांड को लेकर किसानों की दुविधा को दूर करना, उर्वरकों के अनावश्यक क्रिसक्रॉस संचलन को कम करना और देशभर में उर्वरकों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना है। एकल ‘भारत’ ब्रांड के तहत ब्रांडिंग को समेकित करने से पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है तथा कदाचारों को रोकने और फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिली है।
श्रीमती पटेल ने बताया कि प्रत्येक फसल मौसम से पहले कृषि एवं किसान कल्याण विभाग राज्यों से परामर्श कर उर्वरकों की राज्यवार एवं माहवार आवश्यकता का आकलन करता है। इसके आधार पर उर्वरक विभाग मासिक आपूर्ति योजना जारी कर राज्यों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का आवंटन करता है तथा उपलब्धता की लगातार निगरानी की जाती है।
उन्होंने आगे बताया कि देशभर में सब्सिडी प्राप्त प्रमुख उर्वरकों की आवाजाही की निगरानी एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS) के माध्यम से की जाती है। आवश्यकता और घरेलू उत्पादन के बीच अंतर को आयात के माध्यम से पूरा किया जाता है और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मौसम के अनुरूप आयात पहले से निर्धारित किया जाता है।
साथ ही, राज्यों को उत्पादकों एवं आयातकों के साथ समन्वय कर समय पर मांगपत्र जारी करने की सलाह दी जाती है। उर्वरकों की प्राथमिकता के आधार पर ढुलाई तथा समय पर निकासी के लिए रेल मंत्रालय के साथ भी नियमित समन्वय किया जाता है। राज्य के भीतर जिला एवं ब्लॉक स्तर पर उर्वरकों का वितरण संबंधित राज्य सरकारों द्वारा किया जाता है।
श्रीमती पटेल ने आगे बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीकेएस की उपलब्धता पर्याप्त रही।
श्रीमती पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि चित्तौड़गढ़ संसदीय निर्वाचन क्षेत्र सहित संबंधित क्षेत्रों में उर्वरकों की मांग एवं आपूर्ति का विवरण अनुलग्नक में उपलब्ध कराया गया है।
इसपर सांसद श्री रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की सुविधा और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा, “‘एक राष्ट्र-एक उर्वरक’ व्यवस्था से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है और किसानों को आवश्यक उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिली है। मांग का पूर्व आकलन, राज्यों को समयबद्ध आवंटन, iFMS के माध्यम से निगरानी और बेहतर परिवहन व्यवस्था किसानों के हित में महत्वपूर्ण सुधार हैं।”
श्री रावत ने कहा कि किसानों को उचित समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इससे कृषि लागत को नियंत्रित करने, उत्पादन बढ़ाने और देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।



