
उफनती गंगा में बह रहे कांवड़िए के लिए देवदूत
बने एसडीआरएफ जवान, रेस्क्यू कर
बचाई जान
भास्कर इंडिया लाइव
ऋषिकेश, 08 अगस्त 2026। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात एसडीआरएफ जवानों ने एक बार फिर अदम्य साहस और तत्परता का परिचय देते हुए उफनती गंगा की तेज धारा में बह रहे कांवड़िए की जान बचा ली। घटना ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला क्षेत्र स्थित गीता भवन घाट नंबर-3 की है।
जानकारी के अनुसार हरियाणा के झज्जर जिले के निवासी 29 वर्षीय नवीन कुमार गंगाजल लेने के लिए ऋषिकेश पहुंचे थे। गीता भवन घाट नंबर-3 पर स्नान के दौरान अचानक तेज बहाव की चपेट में आने से उनका पैर फिसल गया और वह गंगा की मुख्य धारा में बहने लगे। तेज बहाव के कारण उनके लिए खुद को संभाल पाना मुश्किल हो गया।
कांवड़िए को गंगा में बहता और डूबता देख घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान कांवड़ ड्यूटी पर तैनात एसडीआरएफ टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ के हेड कांस्टेबल राकेश रावत ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तेज बहाव वाली गंगा में प्रवेश किया और बह रहे कांवड़िए तक पहुंच गए। उन्होंने नवीन कुमार को सुरक्षित पकड़कर डूबने से बचाया और उन्हें नियंत्रित स्थिति में रखा।
इसके बाद एसडीआरएफ के अन्य जवानों ने रेस्क्यू उपकरणों और आपसी समन्वय की मदद से दोनों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला। एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई और साहस के चलते कांवड़िए की जान बच सकी।
सुरक्षित बाहर आने के बाद नवीन कुमार सहित मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड पुलिस और एसडीआरएफ जवानों का आभार जताया।



