
धनयाड़ी में हाथी के हमले से महिला की मौत पर ग्रामीणों का आक्रोश, एयरपोर्ट हाईवे किया जाम
भास्कर इंडिया लाइव
डोईवाला। चमन लाल
डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के धनयाड़ी में जंगली हाथी के हमले में श्रीमती अंजली गुप्ता की मौत के बाद मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। घटना के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों ने धनयाड़ी-एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के चलते हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
प्रदर्शन में परवादून जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अश्विनी बहुगुणा, डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह चौधरी, बड़ासी ग्राम प्रधान राहुल मनवाल, हेमा पुरोहित, रेनू चुनारा, पाववाला सोडा ग्राम प्रधान करण रावत, नरेंद्र सौलंकी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में लंबे समय से जंगली हाथियों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद वन विभाग की ओर से हाथियों की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी एवं स्थायी कदम नहीं उठाए गए। इसी लापरवाही के चलते एक महिला की जान चली गई।
परवादून जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि धनयाड़ी में महिला की मौत वन विभाग की गंभीर लापरवाही का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जंगली हाथियों के आतंक की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और पूर्व में भी हाथियों के हमलों में लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर संबंधित हाथी को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर नहीं भेजा गया, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन को और तेज करेगी।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य अश्विनी बहुगुणा ने पीड़ित परिवार को उचित न्याय और पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए तथा हाथियों के खतरे से प्रभावित क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग सहित अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाएं।
डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह चौधरी ने कहा कि धनयाड़ी की घटना पूरे क्षेत्र के लिए बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से जंगली हाथियों के आतंक से परेशान हैं। सरकार और वन विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित हाथी को रेस्क्यू कर सुरक्षित क्षेत्र में भेजने के साथ ही प्रभावित गांवों में सोलर फेंसिंग, नियमित गश्त और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
बड़ासी ग्राम प्रधान राहुल मनवाल ने कहा कि ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। एक परिवार ने अपना
सदस्य खो दिया है और पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। उन्होंने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, उचित आर्थिक सहायता तथा हाथियों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
ग्रामीणों ने उठाईं प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग के समक्ष कई मांगें रखीं।
इनमें—
*संबंधित जंगली हाथी को 48 घंटे के भीतर रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेजना।
*पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना।
प्रभावित गांवों में तत्काल सोलर फेंसिंग लगाना।
*हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और नियमित गश्त बढ़ाना।
*मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए प्रभावी वन प्रबंधन योजना लागू करना।
*पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा एवं त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना।
रेंजर के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग के रेंजर और वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता की। अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया। रेंजर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि बुधवार दोपहर डीएफओ के साथ उनकी वार्ता कराई जाएगी।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा और इसे और व्यापक रूप दिया जाएगा।



