
आरटीआई के 21 वर्ष: सुधार से अधिक जरूरी प्रभावी क्रियान्वयन
डोईवाला कॉलेज में वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित, शिवा प्रथम और ईशा नेगी द्वितीय
भास्कर इंडिया लाइव
डोईवाला चमन लाल।
शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला में ‘सूचना का अधिकार अधिनियम सप्ताह’ के अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय “सूचना का अधिकार अधिनियम के 21 वर्ष: सुधार अथवा सुदृढ़ कार्यान्वयन (RTI@21: Reform the Law or Strengthen its Implementation)” रहा।
प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए विषय के पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में बीए तृतीय सेमेस्टर की शिवा ने प्रथम, एमए तृतीय सेमेस्टर राजनीति विज्ञान की ईशा नेगी ने द्वितीय तथा बीए प्रथम सेमेस्टर की शिक्षा नौटियाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दोनों प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया। अंशुल देवयानी, रेनू और अर्पिता सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार साझा किए।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डी.पी. भट्ट ने कहा कि संस्थान में पारदर्शिता और सुशासन को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने सूचना के अधिकार से संबंधित प्रावधानों का नियमानुसार पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
वरिष्ठ प्रोफेसर राकेश चंद्र जोशी ने छात्र-छात्राओं को सूचना के अधिकार अधिनियम एवं उसके नियमों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को प्रभावी भाषा-शैली एवं तर्कपूर्ण ढंग से अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो. नवीन कुमार नैथानी ने कहा कि सूचना का अधिकार प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों एवं संबंधित नियमों की जानकारी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर उनका नियमानुसार उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सूचना नागरिक का अधिकार है और सूचना के माध्यम से ही ज्ञान एवं जागरूकता का विस्तार होता है।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. राकेश चंद्र जोशी, डॉ. वल्लरी कुकरेती एवं डॉ. पल्लवी मिश्रा शामिल रहे।
कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पुष्पा कुमारी सहित ममता, सविता एवं अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंजली वर्मा ने किया।



