
ग्रामीणों के विरोध के आगे क्रशर खोलने की कोशिश पर ब्रेक
भास्कर इंडिया लाइव
फतेहपुर टांडा में बालाजी एसोसिएट स्टोन क्रशर को बंद रखने के निर्देश, निदेशालय ने दिए पुनः जांच के आदेश
डोईवाला/देहरादून चमन लाल। फतेहपुर टांडा में बालाजी एसोसिएट स्टोन क्रशर को दोबारा संचालित कराने की कोशिशों को ग्रामीणों के विरोध और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों के बाद बड़ा झटका लगा है। ग्रामीणों और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रतिनिधिमंडल ने निदेशालय पहुंचकर क्रशर से जुड़े पुराने जांच दस्तावेज और नदी से दूरी संबंधी साक्ष्य अधिकारियों के समक्ष रखे। मामले का संज्ञान लेते हुए निदेशालय ने क्रशर को फिलहाल बंद रखने तथा पूरे प्रकरण की पुनः गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों का आरोप—तथ्यों को तोड़-मरोड़कर खोलने की थी कोशिश
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से बालाजी एसोसिएट स्टोन क्रशर को दोबारा खुलवाने के लिए ऐसी रिपोर्ट और दस्तावेज प्रस्तुत किए जा रहे थे, जिनमें वास्तविक स्थिति को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक नदी क्षेत्र से संबंधित निर्धारित मानकों के उल्लंघन के कारण पूर्व में क्रशर के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
मामले की जानकारी मिलने पर फतेहपुर टांडा के किसान, महिलाएं और ग्रामीण भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में निदेशालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक (लेखा) राजपाल लेखा के समक्ष सिंचाई विभाग समेत संबंधित विभागों की मूल जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। ग्रामीणों ने नदी से क्रशर की दूरी से जुड़े दस्तावेज और मौके की स्थिति के साक्ष्य भी अधिकारियों को सौंपे।
पूर्व डीएम की जांच रिपोर्ट भी रखी सामने
ग्रामीणों ने पूर्व जिलाधिकारी सविन बंसल की ओर से कराई गई जांच से संबंधित दस्तावेज भी निदेशालय को सौंपे। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में हुई जांच में भी क्रशर के संचालन को लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आई थीं और इसे बंद किए जाने की संस्तुति की गई थी।
निदेशालय ने लिया संज्ञान, जांच पूरी होने तक बंद रहेगा क्रशर
ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों का निदेशालय ने संज्ञान लिया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, निदेशक ने स्पष्ट किया कि प्रकरण की दोबारा जांच और आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी होने तक क्रशर को संचालित नहीं किया जाएगा। इस संबंध में सचिवालय को पत्र भेजकर पूरे मामले की पुनः जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में नियमों को दरकिनार कर क्रशर संचालन की कोशिशों के खिलाफ उनकी एकजुटता की जीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
प्रतिनिधिमंडल में हरेंद्र बलियान, अश्वनी बहुगुणा, जागीर सिंह, महेंद्र सिंह, जरनैल सिंह, परमजीत सिंह, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के युवा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, सन्नी, अंकित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।



