
15 साल बाद एबीवीपी के हाथ से निकला अध्यक्ष पदयूएसएफ के मोहित ममगाईं ने 338 मत पाकर दर्ज की जीत, एनएसयूआई के वंश खत्री दूसरे और एबीवीपी के दीपक नौटियाल तीसरे स्थान पर
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डोईवाला चमनलाल / विक्रांत वर्मा। शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोईवाला के छात्रसंघ चुनाव में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला।
अध्यक्ष पद पर यूएसएफ के मोहित ममगाईं ने जीत दर्ज कर एबीवीपी के करीब 15 वर्षों से चले आ रहे अध्यक्ष पद के वर्चस्व को समाप्त कर दिया।
मोहित ममगाईं को 338 मत मिले, जबकि एनएसयूआई के वंश खत्री को 290 और एबीवीपी के दीपक नौटियाल को 285 मत प्राप्त हुए।
अध्यक्ष पद के नतीजे ने महाविद्यालय की छात्र राजनीति में नया समीकरण सामने ला दिया है। वहीं, अन्य प्रमुख पदों पर एबीवीपी ने अपनी पकड़ बनाए रखी।
उपाध्यक्ष पद पर एबीवीपी के रोहन पाल 332 मत प्राप्त कर विजयी रहे। जयदीप को 254 और जितेंद्र सिंह रावत को 149 मत मिले।
सचिव पद पर एबीवीपी के प्रिंस शर्मा ने 360 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। आयुष कृषाली को 347 और हिमांशु नेगी को 186 मत मिले।
सहसचिव पद पर एबीवीपी की वंशिका 429 मत लेकर विजयी रहीं। वंदना को 308 और आंचल को 152 मत मिले।
कोषाध्यक्ष पद पर एबीवीपी की पलक ने 391 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। सृष्टि को 323 और शालिनी को 165 मत मिले।
यूआर प्रतिनिधि पद पर एबीवीपी के प्रियांशु कृषाली 341 मत प्राप्त कर विजयी रहे। अतुल सिंह को 307 और हिमांशी नेगी को 241 मत मिले।
इस प्रकार अध्यक्ष पद यूएसएफ के खाते में गया, जबकि उपाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव, कोषाध्यक्ष और यूआर प्रतिनिधि समेत अन्य प्रमुख पदों पर एबीवीपी प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।
अध्यक्ष पद पर मोहित ममगाईं की जीत को छात्रसंघ चुनाव का प्रमुख परिणाम माना जा रहा है। इस परिणाम के साथ महाविद्यालय की छात्र राजनीति में लंबे समय से चले आ रहे समीकरण में बदलाव देखने को मिला है।



