
देहरादून में इंडिया गठबंधन का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका
एसआईआर रद्द करने और मतदाता सूची बहाल करने की मांग, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
देहरादून, 8 अक्टूबर जाहिद अंजुम। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के विरोध में इंडिया गठबंधन के घटक दलों और विभिन्न जनसंगठनों ने बुधवार को देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। गांधी पार्क से शुरू हुआ जुलूस राजपुर रोड होते हुए घंटाघर पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध जताया। इसके बाद आयोजित सभा में एसआईआर तत्काल रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संयुक्त ज्ञापन भेजकर आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद उत्तराखंड में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। ज्ञापन के अनुसार एसआईआर से पहले राज्य में 79,60,762 मतदाता थे, जो घटकर 71,58,949 रह गए। गठबंधन ने दावा किया कि करीब 9.06 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
इंडिया गठबंधन ने एसआईआर की प्रक्रिया को अपारदर्शी और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए गंभीर खतरा बताते हुए मूल मतदाता सूची बहाल करने, हटाए गए नामों की व्यक्तिगत सुनवाई एवं दस्तावेजी सत्यापन कराने तथा पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र न्यायिक निगरानी में जांच कराने की मांग की।
ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच आयोग गठित करने की मांग की गई। गठबंधन ने कहा कि मतदाता सूची से किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना समुचित सुनवाई के हटाया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।
प्रदर्शन में कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई, सीपीआई (माले), सपा, सीटू, एसएफआई, डीवाईएफआई, किसान सभा, जनवादी महिला समिति, इंसानियत मंच, एआईएलयू और सर्वोदय मंडल सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस दौरान सीपीएम के शिवप्रसाद देवली, लेखराज, अनंत आकाश, कांग्रेस के सूर्यकांत धस्माना, जसविंदर सिंह गोगी, गरिमा दसौनी, सपा के एसएन सचान, सीपीआई के समर भंडारी, सीपीआई (माले) के इंद्रेश मैखुरी, किसान सभा के सुरेंद्र सिंह सजवाण, सीटू के एसएस नेगी, जनवादी महिला समिति की नुरैशा अंसारी, एसएफआई के नितिन मलेठा सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।



