
डिजिटल असमानता दूर करने के लिए तकनीकी सुविधाओं तक समान पहुंच जरूरी: प्रो. भसीन
डोईवाला महाविद्यालय में ‘भारत में तकनीकी विभाजन एवं सामाजिक असमानता’ विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित
भास्कर इंडिया लाइव
डोईवाला चमनलाल।
शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला में ‘भारत में तकनीकी विभाजन एवं सामाजिक असमानता’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन चार राजकीय महाविद्यालयों के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. देवेश भट्ट ने की, जबकि आयोजन डॉ. गुलनाज फातिमा ने किया।
मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा उन्नयन समिति, देहरादून के उपाध्यक्ष प्रो. देवेंद्र भसीन ने कहा कि डिजिटल तकनीक शिक्षा, सामाजिक गतिविधियों और नीतिगत प्रक्रियाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को टैबलेट खरीदने के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। भविष्य में उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों को भी इस सुविधा से लाभान्वित करने पर विचार किया जा रहा है।
प्रख्यात समाजशास्त्री प्रो. भगवान सिंह बिष्ट ने डिजिटल तकनीक को वर्तमान युग की आवश्यकता बताया। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ की प्रो. जया श्रीवास्तव ने लैंगिक, जातिगत तथा ग्रामीण-शहरी एवं पर्वतीय-मैदानी क्षेत्रों के बीच डिजिटल असमानताओं पर प्रकाश डाला। वहीं, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. प्रमोद कुमार गुप्ता ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए तकनीकी सुविधाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में डॉ. संगीता बहुगुणा ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया। आयोजक सचिव डॉ. विक्रम सिंह पवार एवं डॉ. राम सिंह सामंत ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सत्र की अध्यक्षता डॉ. पूनम भूषण ने की, जबकि वेबिनार की आख्या डॉ. चंद्रावती टम्टा ने तैयार की।
समापन सत्र में डॉ. शिव कुमार लाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के वंचित वर्गों को डिजिटल साक्षरता से जोड़े बिना समग्र विकास की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती। कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, शिक्षाविद, कर्मचारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।



