श्री बद्रीनाथ धाम के पास माणा में एवलांच आने से कुछ लोगों के फंसे होने की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम मौके के लिए रवाना।
चमन लाल / विक्रांत वर्मा / भारत गुप्ता
जोलीग्रांट एसडीआरएफ मुख्यालय शुक्रवार 28 फरवरी 2025 को आपदा कंट्रोल रूम, चमोली से सूचना प्राप्त हुई कि श्री बद्रीनाथ धाम के निकट माणा में एवलांच आने से कुछ लोग फंसे हुए है।
इस सूचना के प्राप्त होते ही एसडीआरएफ कमांडेंट के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए नजदीकी पोस्ट जोशीमठ से एसआई देवीदत्त बर्थवाल के नेतृत्व में एसडी आरएफ टीम घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई हैं। साथ ही गौचर एवम सहस्रधारा, देहरादून पोस्ट पर हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम को तैयार कर दिया गया है।
दिनाँक 28 फरवरी 2025 को श्री बद्रीनाथ धाम के पास माणा में हुई हिमस्खलन की घटना के बारे में पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ, श्रीमती रिधिम अग्रवाल ने बताया कि माणा गाँव, ज़िला चमोली के पास हिमस्खलन की घटना में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइज़ेशन के कुल 57 श्रमिक प्रभावित हुए। कमांडेंट BRO के अनुसार, अब तक 15 श्रमिक सुरक्षित हैं, जबकि 42 लापता थे। एसडीआरएफ की एक टीम जोशीमठ से रवाना हो चुकी है। लामबगड़ में सड़क अवरुद्ध होने के कारण सेना से संपर्क कर मार्ग खोलने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरी टीम को सहस्रधारा हेलीपैड पर अलर्ट पर रखा गया है। क्षेत्र के सटीक निर्देशांक प्राप्त किये गए हैं। मौसम की स्थिति में सुधार होते ही एसडीआरएफ की हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम को हेलीकॉप्टर से निकटतम उपलब्ध स्थान पर उतारा जाएगा।
एसडीआरएफ एवं जिला प्रशासन द्वारा BRO एवं सेना के साथ समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ ड्रोन की टीम को भी तैयारी हालात में रखा गया है। भारी बर्फबारी के कारण फिलहाल ड्रोन ऑपरेशन संभव नहीं हो पाया है।
अब तक 5 और व्यक्तियों को निकाला गया है, जिनमें से 3 घायल हैं और उन्हें सेना अस्पताल, माणा में भर्ती कराया गया है, जबकि 2 सामान्य स्थिति में हैं।
कुल श्रमिक – 57
अब तक सुरक्षित निकाले गए – 15
लापता – 42
प्रभावितों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।”
चमोली जनपद में हिमस्खलन में फंसे 32 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है -मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी



