छठ पर्व की खरीदारी में डूबे बाजार, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

भास्कर इंडिया लाइव -चमन लाल
पूजन सामग्री, फल-फूल और बांस के सूप-दौरे की खूब रही मांग
जय छठी मइया के जयकारों से गूंजे बाजार-
डोईवाला- छठ महापर्व के दूसरे दिन रविवार को डोईवाला के बाजारों में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी। सुबह से ही महिलाएं और पुरुष पूजन सामग्री की खरीदारी में जुटे रहे। हर तरफ छठी मइया के गीतों की मधुर गूंज और खरीदारी का उत्साह देखने को मिला।
चौक बाजार, रेलवे रोड में लोगों की भीड़ से पूरा दिन रौनकभरा रहा। पूजन सामग्री की दुकानों पर सूप, दौरा, बांस की टोकरियां, नारियल, गन्ना, केला, सेब, नींबू, मिठाई और नई थालियों की खरीदारी खूब हुई। दुकानदारों ने बताया कि रविवार को बिक्री चरम पर रही I
फल विक्रेता राजेंद्र सिंह मोनी , राजेश कौशल,ने बताया कि केले और नारियल की मांग सबसे अधिक रही। सुबह से ही ग्राहक लगातार आ रहे हैं। वहीं पूजा सामग्री विक्रेता गौरव कुमार ने कहा कि इस बार बाजार में अच्छी चहल-पहल है, श्रद्धालु पूरे मनोयोग से छठ की तैयारी में जुटे हैं।
श्रद्धालु चंदन जायसवाल-
ने बताया कि छठ पर्व हमारे जीवन का सबसे पवित्र पर्व है। परिवार की सुख-समृद्धि और सूर्य देव की आराधना के लिए लोग पूरे समर्पण के साथ व्रत रखते हैं।
सभासद अमित कुमार-
ने बताया कि नगरपालिका की टीम ने घाटों और सड़कों पर सफाई व्यवस्था को लेकर तैयारी तेज कर दी है। सोमवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाटों की सजावट भी अंतिम चरण में है।
छठ पूजा का दूसरा दिन आज—
खरना व्रत के साथ शुरू होगी 36 घंटे की कठिन तपस्या, हर घर में गूंजेगी आस्था की गूंज
शुद्धता और संयम का पर्व, सूर्योपासना की परंपरा निभाने को आज महिलाएं करेंगी खरना व्रत, शाम को खीर-रोटी का प्रसाद अर्पित कर शुरू करेंगी निर्जला उपवास
सूर्योपासना और शुद्धता का महापर्व छठ पूजा
डोईवाला- सूर्योपासना और शुद्धता का महापर्व छठ पूजा अपने दूसरे दिन खरना के रूप में आज पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जाएगा। व्रती महिलाएं आज दिनभर निर्जला व्रत रखेंगी। शाम के समय सूर्यास्त के बाद गुड़-चावल की खीर और गेहूं की रोटी बनाकर भगवान सूर्य को अर्पित करेंगी। इसी प्रसाद को परिवार और आस-पड़ोस में बांटकर सभी लोग ग्रहण करेंगे। इसके बाद व्रती 36 घंटे के कठिन निर्जला उपवास की शुरुआत करेंगी, जो चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद संपन्न होगा।
छठ पूजा का यह दिन आत्मिक शुद्धि, त्याग और संयम की मिसाल माना जाता है। कहा जाता है कि खरना के बाद व्रती पूरी श्रद्धा से बिना जल और अन्न ग्रहण किए अगले दो दिन केवल पूजा-पाठ और आराधना में लीन रहती हैं। परिवार के सदस्य भी इस अवसर पर व्रती की सेवा और सहयोग में जुड़े रहते हैं।
छठ पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि प्रकृति, सूर्य और जल के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। इस पर्व में व्रती महिलाएं सूर्य देव से परिवार के स्वास्थ्य, समृद्धि और संतति की कामना करती हैं। घरों में विशेष साफ-सफाई, व्रत गीतों और भजनों की गूंज के बीच वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।
केशवपुरी निवासी आरती देवी और अनीता साहनी ने कहा कि खरना का दिन छठ की सबसे पवित्र शुरुआत होती है, इस दिन से असली तपस्या आरंभ होती है।



