आपदा के दर्द से अभी तक नहीं उभर पाया सेबूवाला गांव

देहरादून उत्तराखंड राज्य के कई ऐसे गांव है जो आपदा की मार के बाद अभी तक उभर नहीं पाए हैं । ऐसा ही एक गांव सेबू वाला डोईवाला विधानसभा के रायपुर ब्लॉक में आता है। जहां आपदा से खेत खलियान मकान सब कुछ तबाह हो गए थे मगर शासन प्रशासन द्वारा इस गांव की अभी तक सुध नहीं लिए जाने से ग्रामीणों को जीवन यापन करने का गहरा संकट पैदा हो गया है।

गौरतलब है कि राज्य में बरसात के कारण भारी आपदा देखने को मिली है राजधानी देहरादून से मात्र 35 किलोमीटरदूर बसा सेबूवाला गांव रायपुर ब्लॉक की सिंधवाल ग्राम पंचायत में आता है। सूर्याधर झील से आगे स्थित यह गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता और संभावनाओं के लिए जाना जाता है। यह गांव ऑर्गेनिक फार्मिंग इको टूरिज्म और मछली पालन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण रहा है। किंतु हाल ही में आई आपदा ने मनवाल परिवार को झिंझोड़ कर रख दिया है। आपदा की तबाही ने उनके घर और 10 बीघा खेती पूर्ण रूप से तबाह कर दी थी। पीड़ित देवेंद्र मनवाल व मेहर सिंह मनवाल आपदा के गहरे संकट से अभी तक उभर नहीं पाए हैं। उन्होंने बताया कि शासन प्रशासन की ओर से उन्हें अभी तक किसी भी प्रकार का मुआवजा व पुनर्वास योजना प्रदान नहीं की गई है गया है जिससे वह शासन प्रशासन की इस उदासीन रवैया से नाराज है।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल-
शासन प्रशासन के इस रवैया को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करने की मांग शासन प्रशासन से की है। उन्होंने कहा है कि आपदा के कारण पहाड़ी क्षेत्र के लोग पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं । अगर समय पर उनकी सुध नहीं ली गई तो डोईवाला विधानसभा सहित जिले के और पहाड़ी क्षेत्र के गांव पलायन के कारण खाली हो जाएंगे इसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।



