
हिम्स जौलीग्रांट ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, 100वां सफल किडनी ट्रांसप्लांट पूरा
केक काटकर मनाया जश्न, किडनी डोनर्स और ट्रांसप्लांट करा चुके मरीजों को किया सम्मानित
नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी सहित विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से मिली सफलता
भास्कर इंडिया लाइव
डोईवाला, 8 अगस्त। चमन लाल
हिम्स जौलीग्रांट ने किडनी ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपना 100वां सफल किडनी ट्रांसप्लांट पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि के अवसर पर हिम्स जौलीग्रांट परिसर में कार्यक्रम आयोजित कर केक काटकर खुशी मनाई गई। कार्यक्रम में किडनी डोनर्स, ट्रांसप्लांट करा चुके मरीजों और उनके परिजनों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा, कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, डीन डॉ. ए. शरीफ, प्रिंसिपल डॉ. रेनू धस्माणा, डॉ. हेमचंद्र पांडेय, डॉ. राजेश माहेश्वरी, डॉ. विकास चंदेल, डॉ. शिखर अग्रवाल, डॉ. राजीव सरपाल सहित चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
100 सफल ट्रांसप्लांट टीम के समर्पण का परिणाम : डॉ. धस्माणा
एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने कहा कि 100 सफल किडनी ट्रांसप्लांट हिम्स जौलीग्रांट के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पूरी टीम की विशेषज्ञता, समर्पण और आपसी समन्वय का परिणाम है। उन्होंने ट्रांसप्लांट टीम सहित चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य सहयोगी कर्मचारियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि हिम्स जौलीग्रांट उत्तराखंड में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधाओं को लगातार मजबूत कर रहा है। जटिल ट्रांसप्लांट सर्जरी के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित विशेषज्ञ टीम यहां कार्य कर रही है। भविष्य में अंग प्रत्यारोपण सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा तथा लीवर, हृदय और पैनक्रियाज जैसे अंगों के प्रत्यारोपण की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
विशेषज्ञ टीम के समन्वय से मिली सफलता
नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. विकास चंदेल ने कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट एक जटिल चिकित्सा प्रक्रिया है। इसमें नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर और नर्सिंग सहित विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होता है। टीम के सामूहिक प्रयासों से मरीजों को ट्रांसप्लांट से पहले और बाद में समग्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
यूरोलॉजिस्ट डॉ. शिखर अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक किडनी ट्रांसप्लांट अपने आप में चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होता है। 100 सफल ट्रांसप्लांट का पड़ाव टीम के अनुभव, विशेषज्ञता और लगातार किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।
अपनों ने दिया किडनी दान, मरीजों ने जताया आभार
कार्यक्रम में किडनी डोनर्स और ट्रांसप्लांट करा चुके मरीजों की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कई परिजनों ने अपने प्रियजनों को किडनी दान कर उनके जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में एक महिला द्वारा अपने पति तथा एक अन्य डोनर द्वारा अपने बेटे को किडनी दान किए जाने की जानकारी भी साझा की गई।
डोनर्स और मरीजों ने अपने अनुभव साझा करते हुए हिम्स जौलीग्रांट की चिकित्सकीय टीम, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उपचार के दौरान चिकित्सकों और स्टाफ का सहयोग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा।
समय पर जांच से किडनी की बीमारी की पहचान संभव
डॉ. विकास चंदेल और डॉ. शिखर अग्रवाल ने लोगों से किडनी की सेहत को लेकर जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किडनी संबंधी बीमारी की शुरुआती स्तर पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण है। मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को नियमित रूप से किडनी की जांच करानी चाहिए।
चिकित्सकों ने नमक का सीमित सेवन, पर्याप्त पानी पीने, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी। साथ ही चिकित्सकीय परामर्श के बिना दर्द निवारक दवाओं का लंबे समय तक सेवन करने से बचने की अपील की।



