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ईसीएलजीएस 5.0 से विमानन क्षेत्र को मिला मजबूत वित्तीय सहारा : त्रिवेन्द्र
भास्कर इंडिया लाइव
देहरादून/नई दिल्ली, 10 अगस्त 2026। सांसद हरिद्वार एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संसद में पश्चिम एशिया संकट के चलते विमानन क्षेत्र पर पड़े अल्पकालिक वित्तीय दबाव को लेकर केंद्र सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने सरकार से पूछा कि एयरलाइनों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 के तहत क्या प्रावधान किए गए हैं।
श्री रावत ने सरकार से एयरलाइनों को ऋण सहायता देने के लिए निर्धारित पात्रता मानदंड, प्राप्त एवं स्वीकृत आवेदनों, ऋण सहायता के उपयोग की निगरानी तथा विमानन सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का भी ब्यौरा मांगा।
वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि पश्चिम एशिया संकट के कारण एमएसएमई और गैर-एमएसएमई क्षेत्रों के सामने उत्पन्न अल्पकालिक चलनिधि संबंधी जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने मई 2026 में ईसीएलजीएस 5.0 शुरू की है।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित यात्री विमानन क्षेत्र के पात्र उद्यमों को उनकी उच्चतम बकाया ऋण सीमा के 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इस ऋण पर राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीजीटीसी) के माध्यम से 90 प्रतिशत गारंटी कवरेज दिया जा रहा है।
राज्य मंत्री के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक अनुसूचित यात्री विमानन क्षेत्र से ईसीएलजीएस 5.0 के तहत कुल 8 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें कुल ₹2,529.67 करोड़ की ऋण राशि शामिल है। इनमें से 4 आवेदन ₹920.22 करोड़ की राशि के लिए स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 3 मामलों में ₹912.40 करोड़ की गारंटी जारी की गई है।
श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि ईसीएलजीएस 5.0 के माध्यम से केंद्र सरकार ने विमानन क्षेत्र को वित्तीय दबाव के दौर में आवश्यक तरलता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे हवाई सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने, रोजगार की सुरक्षा करने और यात्रियों के हितों की रक्षा में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ऋण सहायता के उपयोग की निगरानी के लिए भी प्रभावी प्रावधान किए हैं। ₹100 करोड़ से अधिक की सहायता का उपयोग ईंधन, हवाई अड्डा शुल्क, विमान पट्टा भुगतान और अन्य आवश्यक परिचालन खर्चों के लिए किया जाना है। इसके उपयोग के सत्यापन के लिए ऑडिटर प्रमाण-पत्र की व्यवस्था भी की गई है।
श्री रावत ने कहा कि एक मजबूत और सक्षम विमानन क्षेत्र विकसित भारत की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। संकट की परिस्थितियों में केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम उद्योग, रोजगार और आम नागरिकों के हितों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है



