
लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुट हुआ INDIA गठबंधन
7 अक्टूबर को डोईवाला में निकलेगा ‘वोट बचाओ–देश बचाओ मार्च’, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठेगी
भास्कर इंडिया लाइव
डोईवाला, चमन लाल। मतदाता सूची में बदलाव और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच INDIA गठबंधन ने लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए संयुक्त संघर्ष का ऐलान किया है। शनिवार को काईट रेस्टोरेंट, डोईवाला में परवादून जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित गठबंधन के सहयोगी दलों की बैठक में 7 अक्टूबर को ‘वोट बचाओ–देश बचाओ मार्च’ निकालने का निर्णय लिया गया। मार्च डोईवाला में उपजिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचेगा।
बैठक में 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति बनी। साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, मतदाता सूची में किए गए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक करने, सूची से नाम हटाने पर संबंधित मतदाता को सूचना देने और अपील का अवसर उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया। गठबंधन ने SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा चुनावी प्रक्रिया की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई।

‘हर पात्र मतदाता का वोट सुरक्षित रहना चाहिए’
उत्तराखंड कांग्रेस के सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है। मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का पारदर्शी तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर का मार्च लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की आवाज को मजबूत करेगा।
परवादून जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि वोट किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी या अपारदर्शिता गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन के सहयोगी दल मिलकर जनता की आवाज उठाएंगे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से रखेंगे। मार्च की तैयारियों के लिए बूथ स्तर पर भी बैठकें आयोजित की जाएंगी।
उत्तराखंड कांग्रेस के संगठन महासचिव राजेंद्र भंडारी ने कहा कि हर पात्र नागरिक का वोट सुरक्षित रहना चाहिए। मतदाता सूची में होने वाले बदलावों की जानकारी सार्वजनिक करने के साथ ही नागरिकों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना जरूरी है।
सहयोगी दलों ने भी उठाई पारदर्शिता की मांग
बैठक में सीपीआईएम के जाहिद अंजुम और समाजवादी पार्टी के फुरकान कुरैशी ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा सर्वोपरि है। मतदाता सूची और SIR से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए INDIA गठबंधन की एकजुटता पर जोर दिया।
बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से 29 सितंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे अथवा उन्हें पद से हटाने तथा SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और जांच की मांग का भी उल्लेख किया गया।
ये रहे मौजूद
बैठक में देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर, अनुराग कुकरेती, बलबीर सिंह (किसान सभा), गौरव चौधरी, जयेंद्र रमोला, नीरज त्यागी, अश्विनी बहुगुणा, सागर मनवाल, हेमा पुरोहित (प्रदेश अध्यक्ष, सेवादल), तजिंदर सिंह ताज, इंद्रजीत सिंह, डोईवाला नगर कांग्रेस अध्यक्ष करतार नेगी, ऋषिकेश महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र, डोईवाला ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, प्रमोद कप्रवान शास्त्री, श्यामपुर ब्लॉक अध्यक्ष विजय पाल पंवार, रायवाला ब्लॉक अध्यक्ष गोकुल रमोला, रेखा कांडपाल सती, अफसाना अंसारी, हरभजन सिंह, सरजीत सिंह, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव भारती, कांग्रेस एससी विभाग के जिलाध्यक्ष मुकेश प्रसाद, पंचायत संगठन जिलाध्यक्ष राहुल खरोला, कांग्रेस पूर्व सैनिक संगठन जिलाध्यक्ष महेश कुकरेती, सेवादल जिलाध्यक्ष सुनील बर्मन सहित कांग्रेस और INDIA गठबंधन के विभिन्न दलों के पदाधिकारि मौजूद रहे



