
बापू ग्राम वन भूमि प्रकरण और सड़कों की बदहाली का मुद्दा विधानसभा में गूंजा
डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने 60 हजार से अधिक लोगों की समस्या के स्थायी समाधान और वन क्षेत्रों की सड़कों के पुनरुद्धार की उठाई मांग
भास्कर इंडिया लाइव
ऋषिकेश, 28 अक्टूबर विक्रांत वर्मा।भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने नियम 53 के तहत बापू ग्राम वन भूमि प्रकरण का मुद्दा उठाते हुए वर्षों से वहां रह रहे परिवारों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। वहीं, नियम 300 के तहत राजाजी टाइगर रिजर्व और वन क्षेत्रों से जुड़े इलाकों की सड़कों के पुनरुद्धार, चौड़ीकरण और डामरीकरण का विषय उठाया।
75 वर्षों से रह रहे परिवारों को राहत दिलाने की मांग
डॉ. अग्रवाल ने सदन को अवगत कराया कि बापू ग्राम क्षेत्र में लगभग 75 वर्षों से अधिक समय से रह रहे 60 हजार से अधिक लोग वन भूमि से जुड़े प्रकरण के कारण प्रभावित हैं। यह मामला हजारों परिवारों के भविष्य और आवासीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से बड़ी आबादी निवास कर रही है। इसके अलावा एम्स, आईडीपीएल, पशुपालन विभाग और टिहरी विस्थापितों से संबंधित व्यवस्थाओं सहित कई सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थान भी यहां संचालित हैं।
उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय से रह रहे परिवारों की समस्या का समाधान मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। डॉ. अग्रवाल ने इस दिशा में प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रकरण के समाधान की दिशा में कैबिनेट की बैठक में समिति गठित करने का निर्णय भी लिया जा चुका है। ऐसे में प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए आगे की प्रक्रिया में तेजी लाना जरूरी है।
वन क्षेत्रों की सड़कों के सुधार का मुद्दा भी उठाया
विधायक डॉ. अग्रवाल ने नियम 300 के तहत ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में राजाजी नेशनल पार्क से सटे तथा रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र की सड़कों की समस्याओं को भी सदन के सामने रखा। उन्होंने ओणेश्वर मंदिर से साहब नगर (पुरानी जंगला चौकी) तक की सड़क के साथ ही गढ़ी, भट्टोंवाला, रुषा फार्म (गुमानीवाला) और गौरी माफी क्षेत्र की सड़कों के पुनरुद्धार, चौड़ीकरण एवं डामरीकरण की मांग की।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों की सड़कें स्थानीय लोगों के दैनिक आवागमन और क्षेत्रीय विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। सड़कों की खराब स्थिति से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में संबंधित विभागों को इन समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
जनहित के मुद्दों का समाधान प्राथमिकता
डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश क्षेत्र की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाना और उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बापू ग्राम वन भूमि प्रकरण में प्रभावित परिवारों को राहत दिलाने और वन क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया



