*क्यूएस एशिया रैंकिंग में एसआरएचयू की ऐतिहासिक छलांग, शीर्ष 1200 में बनाई जगह*
भास्कर इंडिया लाइव
*डोईवाला।* स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट ने वैश्विक पटल पर एक बार फिर अपनी अकादमिक उत्कृष्टता का परचम लहरा दिया है। प्रतिष्ठित क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में विश्वविद्यालय ने ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए एशिया के शीर्ष 1200 विश्वविद्यालयों में अपनी जगह पक्की कर ली है।
पिछले वर्ष एसआरएचयू 1300-1400 के बैंड में था। इस बार विश्वविद्यालय ने *1101-1200 बैंड* में प्रवेश कर अपनी स्थिति को काफी मजबूत किया है।
दक्षिण एशिया में भी एसआरएचयू ने शानदार प्रगति की है। पिछले वर्ष जहां संस्थान 400-500 बैंड में था, वहीं इस बार *दक्षिण एशिया में 354वीं रैंक* हासिल की है। वहीं *भारत में विश्वविद्यालय को 192वीं रैंक* प्राप्त हुई है।
क्यूएस एशिया रैंकिंग में शिक्षण की गुणवत्ता, वैश्विक स्तर के शोध, अकादमिक साख और सतत विकास लक्ष्यों के क्रियान्वयन जैसे कड़े मानकों के आधार पर संस्थानों का मूल्यांकन किया जाता है। इन सभी मानकों पर एसआरएचयू का प्रदर्शन निरंतर बेहतर होता जा रहा है।

*अध्यक्ष डॉ.विजय धस्माणा ने दी बधाई*
विश्वविद्यालय के इस शानदार प्रदर्शन पर एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने समस्त शिक्षक वर्ग, शोधार्थियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी।
उन्होंने विशेष रूप से रैंकिंग फ्रेमवर्क और गुणवत्ता संवर्धन के कार्यों में जुटे कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। डॉ. धस्माणा ने कहा कि यह छलांग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और समग्र विकास के प्रति विश्वविद्यालय की अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान भविष्य में भी इसी निरंतरता और उत्कृष्टता को बनाए रखते हुए शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित करेगा।
*उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण*
उल्लेखनीय है कि एसआरएचयू राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। संस्थान को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से *ए प्लस ग्रेड* प्राप्त है और क्यूएस इंडिया रैंकिंग के विभिन्न प्रमुख पैमानों पर *प्लैटिनम एवं डायमंड रेटिंग* भी हासिल है।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय टाइम्स हायर एजुकेशन सस्टेनेबिलिटी इम्पैक्ट रैंकिंग में भी संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों, जैसे गुड हेल्थ एंड वेल-बीइंग और क्लीन वॉटर एंड सैनिटेशन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी रहा है।
यह नवीनतम उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय के अकादमिक और शोध मानकों को वैश्विक स्वीकृति दिलाती है, बल्कि पूरे उत्तराखंड के उच्च शिक्षा परिदृश्य को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करती है।




