
डिजिटल इंडिया से बदली शिकायत और पेंशन व्यवस्था की तस्वीर, अब 13 दिन में हो रहा शिकायतों का निस्तारण : त्रिवेन्द्र
भास्कर इंडिया लाइव
देहरादून/नई दिल्ली, 5 अगस्त 2026। डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल से देश में शिकायत निवारण और पेंशन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा संसद में केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) तथा डिजिटल पेंशन सुधारों को लेकर पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में केंद्र सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों और उपलब्धियों की जानकारी दी।
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय एवं प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने सुशासन,
पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए व्यापक सुधार लागू किए हैं। इसका सीधा लाभ आम नागरिकों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिल रहा है।
21 दिन में शिकायतों के निस्तारण का लक्ष्य
डॉ. जितेन्द्र सिंह के अनुसार CPGRAMS को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 10-चरणीय सुधार लागू किए गए हैं। अगस्त 2024 में शिकायतों के निस्तारण की समय-सीमा 30 दिन से घटाकर 21 दिन कर दी गई।
उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 15 जुलाई 2026 के बीच CPGRAMS पोर्टल पर 15,20,576 शिकायतें प्राप्त हुईं। केंद्र सरकार के मंत्रालयों एवं विभागों ने इन शिकायतों का निस्तारण औसतन 13 दिन में किया। यह आंकड़ा प्रशासनिक दक्षता और शिकायत निवारण व्यवस्था में बढ़ती जवाबदेही को दर्शाता है।
डिजिटल पेंशन व्यवस्था से पेंशनभोगियों को राहत
सरकार ने बताया कि ‘भविष्य’ (Bhavishya), डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan) और CPENGRAMS जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों के माध्यम से पेंशन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया गया है।
अब सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने पेंशन प्रकरणों की रियल-टाइम ट्रैकिंग कर सकते हैं। वहीं डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा से पेंशनभोगियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है और पेंशन सेवाओं की उपलब्धता अधिक सुगम हुई है।
22 भाषाओं में शिकायत दर्ज कराएगा ‘समाधान दीदी
डॉ जितेन्द्र सिंह ने बताया कि 30 मई 2026 को एआई आधारित ‘समाधान दीदी’ चैटबॉट लॉन्च किया गया है। यह चैटबॉट 22 अनुसूचित भाषाओं में वॉयस आधारित शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान करता है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की सहायता से शिकायतों को स्वतः संबंधित मंत्रालय और शिकायत निवारण अधिकारी तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इससे शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में मदद मिलने के साथ ही लंबित मामलों को कम करने में भी सहायता मिल रही है।
एकीकृत पोर्टल पर मिलेंगी पेंशन से जुड़ी सेवाएं
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा ‘Improving Pensioners’ Welfare’ योजना के तहत एकीकृत पेंशनभोगी पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पेंशन से जुड़ी विभिन्न सेवाओं को एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराना है।
सरकार की ओर से डिजिटल रूप से कम सक्षम पेंशनभोगियों और लाभार्थियों के लिए भी सेवाओं को सरल एवं सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
‘डिजिटल इंडिया’ ने सुशासन को दी नई दिशा : त्रिवेन्द्र
सांसद श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान ने सुशासन को नई दिशा दी है। तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनी हैं।
उन्होंने कहा कि शिकायत निवारण से लेकर पेंशन वितरण तक प्रत्येक व्यवस्था में आम नागरिक को केंद्र में रखकर किए जा रहे सुधार ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। डिजिटल तकनीक के माध्यम से नागरिकों को तेज, पारदर्शी और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।



