
जल, जंगल और जमीन का संरक्षण ही सुरक्षित भविष्य की कुंजी- सच्चिदानंद भारती
लेखक गाँव में विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण मंथन, डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का किया आह्वान
भास्कर इंडिया लाइव
डोईवाला – विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लेखक गाँव एवं नमामि गंगे के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वन विभाग थानो के सहयोग से वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय से लेखक गाँव तक आयोजित नेचर वॉक के साथ हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने प्रकृति और जैव विविधता को नजदीक से समझा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सच्चिदानंद भारती ने कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी ही स्थायी समाधान दे सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं लेखक गाँव के संस्थापक डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना समय की मांग है। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण और संतुलित जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।
लेखक गाँव की निदेशक विदुषी निशंक ने कहा कि प्रकृति हमारी माँ के समान है और उसका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। लेखक गाँव साहित्य, संस्कृति और प्रकृति को जोड़कर जनचेतना के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
इको ग्रुप सोसाइटी के संस्थापक आशीष गर्ग ने ईको ब्रिक्स की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए इसे कचरा प्रबंधन का प्रभावी माध्यम बताया। प्रकृति छायाकार राजू पुशोला और भारतीय वन्यजीव संस्थान के पूर्व वैज्ञानिक वी.पी. उनियाल ने पर्यावरण संरक्षण के लिए जनसहभागिता को जरूरी बताया।
इस अवसर पर “शिवालिक पहाड़ियों के प्राकृतिक जल स्रोत” तथा “एक पेड़ माँ के नाम” पुस्तकों का विमोचन किया गया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कर हरित भविष्य का संकल्प दोहराया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हुडको के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय भार्गव, पर्यटन विशेषज्ञ डॉ. सर्वेश उनियाल, पहाड़ी पैडलर की चांदनी अरोरा, शिक्षिका प्रीति बख्शी एवं नूपुर दत्ता, डॉ. भारती, डॉ. बेचैन कंडियाल, किरना कुमारी सहित अनेक पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों, शोधकर्ताओं तथा विभिन्न संस्थाओं के छात्र-छात्राओं आदि मौजूद रहे I



