
प्रेमचंद का साहित्य आज भी पूरी तरह प्रासंगिक : प्रो. देवेश प्रसाद भट्ट
भास्कर इंडिया लाइव
डोईवाला चमन लाल।
शहीद दुर्गामल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला, देहरादून में बुधवार को हिंदी विभाग एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘कथा सम्राट प्रेमचंद के जीवन और साहित्य’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रेमचंद के साहित्य, उनकी सामाजिक दृष्टि, वैज्ञानिक चेतना तथा स्त्री एवं दलित विमर्श के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
परिचर्चा में प्रसिद्ध कहानीकार एवं भौतिक विज्ञान विभाग से श्री नवीन कुमार नैथानी, अंग्रेजी विभाग से डॉ. पल्लवी मिश्रा तथा हिंदी विभाग से डॉ. संजीब सिंह नेगी ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन एम.ए. हिंदी तृतीय सेमेस्टर के छात्र सुनील ने किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. संजीब सिंह नेगी ने प्रेमचंद के साहित्य की ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रेमचंद ने अपने साहित्य के माध्यम से तत्कालीन भारतीय समाज की वास्तविकताओं, संघर्षों और विसंगतियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रसिद्ध कहानीकार नवीन कुमार नैथानी ने प्रेमचंद की रचनाओं में निहित वैज्ञानिक चेतना को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से रेखांकित किया। वहीं डॉ. पल्लवी मिश्रा ने प्रेमचंद के साहित्य में स्त्री विमर्श और दलित विमर्श के महत्वपूर्ण पक्षों पर विस्तार से अपनी बात रखी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. देवेश प्रसाद भट्ट ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि प्रेमचंद ने हमारे समाज और जीवन की विसंगतियों एवं समस्याओं को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत किया है। वर्तमान समय में आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी प्रेमचंद के साहित्य से परिचित हो और उनकी रचनाओं में निहित सामाजिक सरोकारों को समझे।
कार्यक्रम के दौरान अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से प्रेमचंद के जीवन और साहित्य पर आधारित पोस्टर प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी को महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों ने काफी सराहा।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के बीच स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता में बी.ए. षष्ठ सेमेस्टर के छात्र अमित कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में जंतु विज्ञान विभाग से डॉ. वी.पी. सेमवाल, डॉ. अखिलेश कुकरेती एवं डॉ. संगीता रावत, शारीरिक शिक्षा विभाग से डॉ. पूनम रावत, मनोविज्ञान विभाग से डॉ. पूनम पांडे एवं डॉ. वल्लरी कुकरेती, इतिहास विभाग से डॉ. पंकज पांडे एवं पुष्पा नेगी, गृह विज्ञान विभाग से डॉ. संगीता सिडोला, रसायन विज्ञान विभाग से डॉ. पूर्णचंद्र खाती, हिंदी विभाग से डॉ. पार्वती, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से डॉ. अर्चना एवं सुश्री रीना ठाकुर सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे



