
मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मुकदमे और वाहन जब्ती का आरोप, बड़े आंदोलन की चेतावनी
मुकदमों से नहीं डरेंगे, अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे: मोहित उनियाल
भास्कर इंडिया लाइव
डोईवाला चमन लाल। आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के छात्रों के समर्थन में कांग्रेस द्वारा किए गए मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाने और वाहनों की जब्ती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल समेत कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे कार्यकर्ताओं को दबाव में लेने का प्रयास बताया है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास घेराव के मामले में परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल और उनके साथियों के खिलाफ कैंट कोतवाली तथा डोईवाला कोतवाली में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि मुकदमों के साथ-साथ आंदोलन में शामिल कार्यकर्ताओं के वाहनों को भी चिन्हित कर जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
मोहित उनियाल ने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में पुलिस कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लगातार परेशान कर रही है और आंदोलन की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार को डालनवाला पुलिस ने परवादून अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष मुकेश प्रसाद के वाहन को खत्ता, डोईवाला में रोककर जब्त कर लिया। कांग्रेस का दावा है कि वाहन जब्त करने से पहले मुकेश प्रसाद को कोई नोटिस नहीं दिया गया था।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों को रोककर परवादून कांग्रेस कार्यालय लाया गया, जहां मुकेश प्रसाद को नोटिस दिया गया। मोहित उनियाल ने बताया कि जब उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई का कारण और नोटिस दिए जाने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी मांगी तो अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर ‘ऊपर से दबाव’ होने की बात कही गई।
मोहित उनियाल ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जानी है तो निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना पूर्व सूचना के वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई क्यों की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता डरने और दबने वाले नहीं हैं। छात्रों के भविष्य और न्याय की लड़ाई में कांग्रेस मजबूती से उनके साथ खड़ी है। मुकदमों और पुलिस कार्रवाई के जरिए कांग्रेस की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
कांग्रेस नेताओं ने किया रोष व्यक्त
घटना की जानकारी मिलने के बाद डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह, डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज नौटियाल, डोईवाला गुरुद्वारा सिंह सभा अध्यक्ष गुरदीप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि ताजिंदर सिंह ताज, बीडीसी सदस्य इंद्रजीत सिंह, मंडलम अध्यक्ष तेजपाल सिंह मोंटी, बलबीर सिंह, राहुल सैनी, शार्दूल नेगी, राहुल आर्य, विवेक सैनी और स्वतंत्र बिष्ट समेत अन्य कांग्रेस नेता परवादून कांग्रेस कार्यालय, डोईवाला पहुंचे। नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए इसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का प्रयास बताया।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
मोहित उनियाल ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान करने, वाहनों की जब्ती और पुलिस कार्रवाई का सिलसिला नहीं रुका तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो परवादून कांग्रेस द्वारा अन्याय के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
उन्होंने कहा, “अन्याय के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। मुकदमों और दबाव की राजनीति से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। हम मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं और छात्रों के न्याय के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।



